Maulana Khadim Dies Under Suspicious Circumstances, Maulana Who Shakes Imran Khans Power.

इमरान खान की सत्ता को हिलाने वाले मौलाना खादिम की अचानक मौत, उठे सवाल


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New Delhi: तीन दिन पहले पाकिस्तान के एक मौलाना ने पूरे पाकिस्तान में आग लगवा दी थी। ये मौलाना इमरान खान के लिए गले की हड्डी बन गया था। इस मौलाना ने इमरान खान की सत्ता को उखाड़ फेंकने की कसम उठाई थी। उसके एक इशारे पर लाखों लोगों की भीड़ इमरान के खिलाफ सड़क पर उतर आती थी, लेकिन अचानक इमरान को 'हिलाने' वाले मौलाना की मौत हो गई है।

इमरान खान के जलसा बैन वाले फरमान पर उसे ललकारने वाला ये मौलाना अब हमेशा के लिए शांत हो गया है। इमरान को सीधे-सीधे चैलेंज करने वाले मौलाना की आवाज़ हमेशा हमेशा के लिए खामोश हो गई है। जी हां, मौलाना खादिम हुसैन रिजवी की मौत हो गई है। मौलान की मौत की वजह फिलहाल साफ नहीं है, लेकिन सुगबुगाहट भरे सवाल जरूर उठ रहे हैं।

बीते करीब एक महीने से मौलाना खादिम हुसैन रिजवी इमरान खान की सपनों में आ रहा था। सोते जागते इमरान खान को ये चेहरा सता रहा था, वजह सिर्फ एक मौलाना की तकरीरें थीं। मौलाना खादिम हुसैन रिजवी अपनी हर तकरीर में इमरान को ललकारता था, उसकी सत्ता को उखाड़ फेंकने की धमकियां देता था। बीते कुछ दिनों में तो मौलाना की एक आवाज पर पाकिस्तान के चार शहर जल उठे। लाखों लोग सड़कों पर आ उतरे और नारेबाजी करने लगे।

वैसे तो पाकिस्तान की तहरीक-ए-लब्बैक पार्टी के अध्यक्ष मौलाना खादिम हुसैन रिजवी पहले से ही इमरान के पॉलिटिक राइवल रहे थे, लेकिन जब से फ्रांस में हुए कार्टून विवाद के बाद इमरान खान ने इस्लामाबाद में फ्रेंच एम्बेसी को बंद करने से इनकार कर दिया। तब से तो मौलाना ने मानो इमरान के खिलाफ जंग छेड़ दी। इमरान खान को फ्रांस पर एटम बम मारने तक की हिदायत दे दी।

करीब एक महीने तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद मौलाना खादिम हुसैन रिजवी ने अपनी एक तकरीर में 15 नवंबर को इस्लामाबाद चलो का नारा दे दिया, जिसके बाद से तो मानो लाखों लोग सड़कों पर आ गए। पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर, कराची और फैजाबाद में मौलाना की फौज ने इस्लामाबाद की तरफ कूच कर दिया। बीते एक महीने में इमरान की खिलाफत ने मौलाना का कद पूरे पाकिस्तान में कई गुना बढ़ा दिया। जाहिर सी बात है, ऐसे में अचानक मौलाना की मौत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

वैसे ये पहली बार नहीं है जब मौलाना खादिम हुसैन रिजवी ने इमरान सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई है। वो लगातार ईशनिंदा के खिलाफ नए कानून की मांग में तकरीरें करता रहा है, जलसे निकालता आया है।

कौन था मौलाना खादिम हुसैन रिज़वी?

खादिम हुसैन रिज़वी की उम्र 54 साल थी

वो पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला था

मौलाना रिजवी को कुरान का बड़ा स्कॉलर माना जाता था

मौलाना लाहोर के पीर मक्का मस्जिद का इमाम है

अपनी तकरीरों की वजह से पाकिस्तान में इसकी पहचान बनी

साल 2016 से पहले खादिम हुसैन रिजवी को ज्यादा लोग नहीं जानते थे, लेकिन पाकिस्तान में एक एक्टिविस्ट और रिजवी के फॉलोअर मुमताज कादरी को फांसी की सजा के बाद मौलाना खादिम हुसैन रिजवी का एक वीडियो सामने आया, जो काफी वायरल हुआ।

दरअसल खादिम रिजवी ने मुमताज कादरी की रिहायी के लिए Tehreek-e-Labaik Ya Rasoolullah आंदोलन शुरू किया था, लेकिन 2016 में ये एक पॉलिटिकल पार्टी बन गई। 2018 चुनाव में मौलाना रिजवी की पार्टी ने सिंध में दो सीटें भी जीती थीं।

इस चुनाव में कादरी ने इमरान खान के कैंडिडेट्स को मात दी थी। इसके बाद से मौलाना खादिम हुसैन रिजवी के सपोर्टर्स बढ़ते चले गए। उसकी तकरीरें काफी वायरल भी होने लगीं। लेकिन बीते कुछ वक्त से मौलाना ने इमरान खान की तख्त को हिलाकर रख दिया था। हालांकि अब मौलाना की आवाज हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है।


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